अमरीकी सेना ने हमला करने में सक्षम युद्धपोतों को कोरियाई प्रायद्वीप की तरफ बढ़ने का आदेश दिया है। हमला करने में सक्षम कार्ल विनसन टुकड़ी में युद्धपोत के अलावा एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल है।
अमरीकी पैसिफिक कमांड का कहना था कि दक्षिण पैसिफिक की तरफ कूच करती ये तैनाती एक बुद्धिमानी भरा कदम है जो दिखाता है कि हम इस क्षेत्र में पूरी तरह तैयार हैं।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उत्तर कोरिया की परमाणु धमकियों से निपटने के लिए अमरीका अकेले सक्षम है।
अमरीकी पैसिफिक कमान के प्रवक्ता डेव बेनहम का कहना था, ''इस क्षेत्र में सबसे बड़ा खतरा उत्तर कोरिया है क्योंकि वो गैर ज़िम्मेदार है और वो अपने मिसाइल परीक्षणों और परमाणु हथियार बनाने के प्रयासों से खतरा पैदा कर रहा है।''
इससे पहले उत्तर कोरिया ने कहा था कि सीरिया पर अमरीकी मिसाइल हमले इस बात को साबित करते हैं कि अपने परमाणु कार्यक्रम को और मजबूत करने का उत्तर कोरिया का फ़ैसला सही था।
उतर कोरिया की सरकारी मीडिया ने एक सरकारी प्रवक्ता के हवाले से कहा, ''शुक्रवार को हुआ हमला एक संप्रभु राज्य के ख़िलाफ़ असहनीय आक्रामकता है।''
बीते बुधवार को सीरिया के विद्रोहियों के कब्ज़े वाले इलाके में संदिग्ध रासायनिक हमला हुआ था। इसमें 89 लोग मारे गए थे।
इसके बाद अमरीका ने शुक्रवार को टॉमहॉक मिसाइलों से सीरिया के कुछ ठिकानों पर हमला किया।
उत्तर कोरिया ने हाल के दिनों में परमाणु मिसाइल विकसित करने के लिए कई परीक्षण किए हैं।
संयुक्त राष्ट्र, उत्तर कोरिया पर मिसाइल और परमाणु परीक्षण को लेकर उसपर कई प्रतिबंध लगा चुका है। लेकिन उत्तर कोरिया ने इन प्रतिबंधों को बार-बार तोड़ा है। उन्होंने लगातार अधिक शक्तिशाली परमाणु बमों के सफल परीक्षण किए हैं।
उनका दावा है कि उन्होंने मिसाइल में फिट किए जा सकने लायक परमाणु बम बनाने में क़ामयाबी हासिल कर ली है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने उत्तर कोरिया के इन दावों पर संदेह जताए हैं।
शुक्रवार को अमरीकी मिसाइलों ने सीरियाई हवाई पट्टी को निशाना बनाया जिसमें छह लोग मारे गए।
सीरियाई सरकार के किसी केंद्र पर यह पहला अमरीकी हमला था। हालांकि वो पहले भी इस इलाक़े में इस्लामिक स्टेट को निशाना बना चुका है।
केसीएनए समाचार एजेंसी ने उत्तर कोरिया के एक सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा है, ''सीरिया के ख़िलाफ़ अमरीकी मिसाइल हमला साफ तौर पर एक संप्रभु राष्ट्र के ख़िलाफ़ असहनीय आक्रामकता है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।''
उन्होंने कहा, ''आज की हकीक़त ये बताती है कि हमें ताक़त के ख़िलाफ़ ताक़त के साथ खड़ा होना होगा और इसने ये लाखों बार साबित किया है कि परमाणु हथियार विकसित करने का हमारा फैसला एक सही चुनाव था।''
अधिकारी के अनुसार, ''केवल हमारी अपनी सैन्य शक्ति ही हमें साम्राज्यवादी आक्रामकता से बचा पाएगी। अमरीकी आक्रामकता का मुक़ाबला करने के लिए हम अपनी सैन्य ताक़त को बढ़ाना जारी रखेंगे।''
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