सृजन घोटाले की जांच कर रहे आईएएस अफसर का नीतीश सरकार ने तबादला किया

 19 Aug 2017 ( आई बी टी एन न्यूज़ ब्यूरो )
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बिहार के चर्चित सृजन एनजीओ घोटाले में अब तक 10 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसके साथ ही गबन का आंकड़ा 884 करोड़ रुपए तक पहुंच चुका है।

साथ ही बैंक ऑफ बड़ौदा के भागलपुर शाखा के मैनेजर रैंक के सेकंड मैन अतुल कुमार समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जेल भेजने के पहले पुलिस की एसआईटी और आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने इन लोगों से गहन पूछताछ की।

ताजा जानकारी के मुताबिक, सुपौल के सहकारिता अधिकारी पंकज कुमार झा समेत भागलपुर के सुभाष कुमार और बांका के सहकारिता अधिकारी संजय मंडल को भी हिरासत में लिया गया है, लेकिन नीतीश सरकार ने इस बीच सबको आश्चर्य में डालते हुए इस घोटाले की जांच कर रहे आईएएस अधिकारी अमित कुमार का तबादला कर दिया है।

अमित कुमार को लखीसराय का जिलाधिकारी बनाया है। ये अब तक भागलपुर के उप विकास आयुक्त के पद पर पदस्थापित थे। हालांकि, इन्हें पदोन्नति देकर तबादला किया जा रहा है।

भू-अर्जन विभाग के 74 करोड़ रूपए का चेक बाउंस होने से पहले नजारत का 10 करोड़ 26 लाख का चेक बैरंग लौटते ही जिला पदाधिकारी आदेश तितिरमारे ने उप विकास आयुक्त अमित कुमार से ही जांच कराई थी। इनकी जांच से ही परत दर परत घोटाले के भेद खुले। बहरहाल, इनके तबादले से लोगों के बीच गलत संदेश जा रहा है।

बता दें कि 48 करोड़ रुपए सृजन के खाते में ट्रांसफर कर दिए जाने की एफआईआर सेंट्रल कॉपरेटिव बैंक लिमिटेड ने भी दर्ज कराई है। सृजन के खाते से यह रकम गायब है।

सुपौल के सहकारिता अधिकारी पंकज कुमार झा पहले भागलपुर सेन्ट्रल कॉपरेटिव बैंक में साल 2007 से 2014 तक प्रबंध निदेशक पद पर तैनात थे। इसी वजह से वो हिरासत में लिए गए है।

सबसे ज्यादा धन भू-अर्जन विभाग का गबन हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, इसकी रकम 350 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

इधर, प्रखंड, अंचल से लेकर जिलों तक के तमाम विभाग अपने लेन-देन और बैंक खातों के मिलान में जुटे हुए हैं।

लिहाजा, फर्जीवाड़े की रकम में और इजाफा होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

सृजन घोटाले से सत्ताधारी राजनैतिक दलों में भी खलबली मची है। बीजेपी प्रदेश किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष विपिन शर्मा के तार सृजन घोटाले से जुड़ने की वजह से पार्टी उन्हें बाहर का रास्ता दिखा चुकी है।

सूत्र बताते हैं कि जनता दल यूनाइटेड के युवा मोर्चा के भागलपुर जिला अध्यक्ष शिव मंडल को भी निलंबित करने की तैयारी हो चुकी है। मसलन, सभी अपना पल्ला झाड़ने में लगे है।

शिव मंडल कल्याण विभाग के गिरफ्तार नाजिर महेश मंडल का बेटा है। शिव मंडल का आय कर रिटर्न तो शून्य है, मगर हैसियत करोड़ों रुपए की है। आर्थिक अपराध इकाई की टीम इनके जायजाद का आकलन करने में जुटी है। जल्द ही संपति जब्त करने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

हालांकि, अभी तक सृजन की सचिव प्रिया कुमार और उसके पति अमित कुमार, डिप्टी कलेक्टर रैंक के पूर्व भू-अर्जन अधिकारी राजीव रंजन, गिरफ्तार कल्याण अधिकारी अरुण कुमार की पत्नी इंदु गुप्ता की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी है।

जानकार बताते हैं कि सही से जांच होने पर आरोपियों की सूची लंबी हो सकती है क्योंकि ऐसे एक दर्जन से ज्यादा बड़ी मछलियां हैं जिनका नाम सृजन के रजिस्टर में दर्ज है।

इनके अलावा एक दर्जन से ज्यादा आईएएस भी इसमें शामिल रहे हैं जो इस वक्त राज्य के कई अहम पदों पर आसीन हैं।

बहरहाल, देर से जागा प्रशासन अब सबौर प्रखंड परिसर में सृजन को पट्टे पर दी गई जमीन को भी रद्द करने की तैयारी में है।

 

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