भारतीय खुफिया एजेंसियां हाफिज सईद के भारत विरोधी नए दांव को बेनकाब करने की तैयारी में जुट गई हैं। जमात-उद-दावा का नाम बदलकर तहरीक आजादी जम्मू एंड कश्मीर करने की भनक मिलते ही हाफिज और उसके गुर्गों की गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही जा रही है।
भारत की खुफिया एजेंसी रॉ, आईबी व अन्य सुरक्षा एजेंसियां जमात-उद-दावा प्रमुख की साजिश का ब्यौरा जुटा रही हैं।
भारत के गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि हमारी एजेंसियों के पास हाफिज के भारत विरोधी हथकंडों की पुख्ता जानकारी है।
गृहमंत्रालय के अधिकारी ने कहा, नाम बदलने से वास्तविकता नहीं बदलेगी। भारत हाफिज के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने, उसकी संपत्तियों को सीज करने और उसके आतंकी ढांचे को पूरी तरह से नेस्तनाबूत करने के लिए दबाव जारी रखेगा। हाफिज के खिलाफ पर्याप्त सबूत पाकिस्तान के पास हैं। भारत चाहता है कि उसे किसी भी तरीके से गतिविधियां चलाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए।
सूत्रों ने कहा कि हाफिज नया दांव चलकर कश्मीर के नाम पर दुनिया को गुमराह करना चाहता है। पहले वह लश्कर से अपने रिश्ते नकारता रहा है। अब जमात-उद-दावा से भी अलग होकर वह नए नाम से भारत के खिलाफ साजिश रचना चाहता है।
सूत्रों ने कहा कि भारत हाफिज की पाक खुफिया एजेंसियों की मदद से चल रही गतिविधियों का पूरा पर्दाफाश करेगा।
हाफिज ने शुरू में मरकज दावा-उल-इरशाद नामक संगठन बनाया था। मरकज दावा-उल-इरशाद का जमात अहले-ए-हदीस से जुड़ा था। बाद में इसके जरिए ही पाक एजेंसी आईएसआई की मदद से कट्टर जेहादियों का नया संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा बनाकर हाफिज ने इसकी कमान संभाली।
लश्कर-ए-तैय्यबा ने भारत में कई आतंकी हमले कराए। बाद में भारत के दबाव बनाने पर अमेरिका, यूरोपियन यूनियन, रूस सहित कई देशों ने प्रतिबंध लगाया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी लश्कर-ए-तैय्यबा और जमात-उद-दावा दोनों को प्रतिबंधित किया।
अब अमेरिका के कड़े रुख को देखते हुए पाकिस्तानी एजेंसियों की शह पर ही सईद अपने कॉडर को कश्मीर के नाम पर जीवित रखना चाहता है।
सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान और हाफिज की नापाक साजिश को भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत आतंकवाद को लेकर अपनी नीति स्पष्ट कर चुका है। अगर पाकिस्तान की जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ हुआ तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने का अधिकार भारत के पास सुरक्षित है।
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