बांग्लादेश: पुलिस थानों पर भीड़ का हमला, कई थानों में पुलिसवाले नहीं हैं
मंगलवार, 6 अगस्त 2024
बांग्लादेश की राजधानी ढाका के जतराबाड़ी, बड्डा, मोहम्मदपुर, अदाबार समेत कई पुलिस स्टेशनों पर रात भर हमले और लूटपाट हुई।
सोमवार, 5 अगस्त 2024 को कई थानों पर हमले हुए, कई जगहों पर गुस्साई भीड़ की पुलिस से झड़प भी हुई। कुछ थानों से पुलिसकर्मी भाग गए।
मंगलवार, 6 अगस्त 2024 की सुबह बीबीसी बांग्ला के संवाददाता ने मोहम्मदपुर थाने में जाकर देखा तो पूरा थाना मलबे के ढेर में तब्दील हो चुका था।
पुलिस स्टेशन के कुछ कमरों से धुआं उठता देखा जा सकता है। पुलिस स्टेशन परिसर में कई जली हुई कारें और फर्नीचर देखे जा सकते हैं।
थाने के अंदर से पंखे, कुर्सियां, टेबल समेत सभी तरह के सामान लूट लिए गए। सुरक्षा संकट के कारण रविवार, 4 अगस्त 2024 को थाने में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी थाना छोड़कर सुरक्षित ठिकाने पर चले गए।
मोहम्मदपुर थाने के एक एसआई ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- ''थाने के अंदर मौजूद सभी हथियार और गोला-बारूद लूट लिए गए हैं।''
पास के अडाबर पुलिस स्टेशन को भी लूटा गया।
बताया जाता है कि रविवार, 4 अगस्त 2024 की रात थाने के सामने खड़ी गाड़ियां, मोटरसाइकिलें और थाने के अंदर रखे सामान लूट लिए गए।
इस थाने में भी कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। सोमवार, 5 अगस्त 2024 को बड्डा और भटारा थाने पर भी हमला किया गया। आग से थाना भवन जलकर खाक हो गया।
थाने के बाहर रखे सरकारी वाहन और अंदर रखा सारा सामान जला दिया गया। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो में राजारबाग में पुलिस लाइन में सायरन बजते सुनाई दिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ढाका के 50 थानों में से ज्यादातर में पुलिस नहीं है।
बांग्लादेश में शेख़ हसीना के पिता के नाम पर बने संग्रहालय को जलाया गया
मंगलवार, 6 अगस्त 2024
बांग्लादेश में सोमवार, 5 अगस्त 2024 को प्रदर्शनकारियों ने धानमंडी स्थित ‘बंगबंधु स्मृति जादूघर’ में तोड़फोड़ की और उसमें आग लगा दी।
बांग्लादेश के राजशाही ज़िले में शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग की विरासत को संजो कर रखने के लिए ये संग्रहालय बनाया गया था।
इस संग्रहालय में रखी शेख़ हसीना के पिता बंगबंधु शेख़ मुजीबुर्रहमान की तस्वीर को भी प्रदर्शनकारियों ने जला दिया।
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन पर मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी ने क्या कहा?
मंगलवार, 6 अगस्त 2024
बांग्लादेश में प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के महासचिव मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा है कि अगर मंगलवार, 6 अगस्त 2024 की दोपहर दो बजे तक अंतरिम सरकार का गठन नहीं हुआ तो देश में राजनीतिक शून्य पैदा हो सकता है।
मंगलवार, 6 अगस्त 2024 को ढाका में एक ब्रीफिंग में बीएनपी ने कहा कि उनकी ओर से अंतरिम सरकार के लिए राष्ट्रपति को कोई नाम प्रस्तावित नहीं किया गया है। राष्ट्रपति की ओर से मांगे जाने पर बीएनपी नाम भेजेगी।
बीएनपी ने भेदभाव विरोधी छात्र आंदोलन की ओर से नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित करने के संबंध में ये बात कही।
बीएनपी की ओर से कहा गया है कि उसे छात्रों पर पूरा भरोसा है। लेकिन सर्वदलीय मामलों को महत्व दिया जाना चाहिए।
मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने तीन महीने के भीतर चुनाव कराकर सत्ता सौंपने का भी आग्रह किया। मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से पार्टी की ओर से जल्द देश लौटने का अनुरोध किया गया है।
मिर्ज़ा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा, ''जो लोग बदले की भावना से संस्थानों पर हमले और लूटपाट कर रहे हैं, वे इसे रोकें। वे आंदोलन के लोग नहीं हैं, बल्कि आंदोलन के विरोधी हैं।''
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ऊपर हमले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में क्या कहा?
मंगलवार, 6 अगस्त 2024
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के व्यवसाय और मंदिरों को निशाना बनाए जाने पर बयान दिया है।
एस जयशंकर बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर राज्यसभा में बोल रहे थे।
एस जयशंकर ने कहा है कि बांग्लादेश में सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वहाँ अल्पसंख्यक समुदाय के व्यवसाय और मंदिरों को निशाना बनाया गया है।
"हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के ऊपर नज़र बनाए हुए हैं। भारत में सीमा पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।''
उन्होंने सदन को बताया है कि बांग्लादेश के अलग-अलग इलाक़ों में क़रीब 19 लाख भारतीय रह रहे हैं। हालाँकि क़रीब 10 लाख लोग जुलाई 2024 में ही भारत आ गए हैं और वहाँ फ़िलहाल ज़्यादातर भारतीय छात्र रह गए हैं।
"5 अगस्त 2024 को शेख़ हसीना ने इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया। उन्होंने काफ़ी कम समय में भारत में फ़्लाइट लाने के लिए अनुमति मांगी। वो कल (5 अगस्त 2024) शाम में दिल्ली पहुँची हैं।''
एस जयशंकर ने बताया है कि बांग्लादेश में जनवरी 2024 में हुए आम चुनाव के बाद से ही विरोध का सिलसिला शुरू हो गया था।
बांग्लादेश की संसद को भंग किया गया, राष्ट्रपति ने आदेश जारी किया
मंगलवार, 6 अगस्त 2024
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने आदेश जारी कर देश की संसद को भंग कर दिया है।
राष्ट्रपति कार्यालय के प्रेस विंग की ओर से भेजे गए नोटिस में मंगलवार, 6 अगस्त 2024 को इस बात की जानकारी दी गई।
इस नोटिस में बताया गया है कि तीनों सेनाओं के प्रमुखों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सिविल सोसाइटी के नुमाइंदों और छात्र आंदोलन के नेताओं की राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के साथ हुई बैठक के बाद राष्ट्रीय संसद को भंग करने का फ़ैसला लिया गया है।
इस संबंध में नोटिफ़िकेशन मंगलवार, 6 अगस्त 2024 को जारी किया जाएगा।
सात जनवरी 2024 को चुनाव के बाद इस संसद का गठन हुआ था।
वहीं सोमवार, 5 अगस्त 2024 को राष्ट्रपति ने एक आदेश जारी कर बीएनपी नेता ख़ालिदा ज़िया समेत कई विपक्षी नेताओं को नज़रबंदी से रिहा कर दिया था।
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